योग शिविर एवं प्रशिक्षण


‘न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिहि विद्यते’ अर्थात् ‘संसार में ज्ञान के समान पवित्र करने वाला निःसंदेह कुछ भी नहीं है।’ इस ध्येय कथन के साथ प्रदेश और देशवासियों की स्वभाषा और सुभाषा के माध्यम से ज्ञान की परंपरागत और आघुनिक विधाओं में शिक्षण-प्रशिक्षण के प्रति सतत प्रयत्नशील अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। जिसमें सर्वप्रथम योग एवं मानव चेतना विभाग को स्थापित किया गया तथा 15-15 दिवसीय योग शिविरों का आयोजना भी किया गया है। लगभग पूरे वर्ष भर इन शिविरों का सफलतापूर्वक आयोजन होता रहा और इन शिविरों में हर वर्ग की महिलाओं एवं पुरुषों ने भाग लिया फलस्वरूप सभी प्रशिक्षणार्थी न केवल शारीरिक रूप से लाभान्वित हुए अपितु उनको मानसिक, बौद्धिक एवं सामाजिक स्तरों में भी अत्यधिक लाभ हुआ। उनके अनुभवों को भी विश्वविद्यालय ने सहेजकर सुरक्षित रखा है। सभी की दिनचर्या एवं जीवनशैली में भी अभूतपूर्व परिवर्तन आया है।

अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के योग एवं मानव चेतना विभाग में सत्र 2012-13 में तीन पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए थे, यथा-योग शिक्षण प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र (तीन माह) एवं योग प्रशिक्षक प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र (छमाही),योग प्रशिक्षक प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र के 16 विद्यार्थियों ने दिनांक 27/09/2013 से 05/10/2013 के मध्य में लगभग 4 शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में जाकर 3-3 दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर में लगभग 255 विद्यार्थियों एवं 15 शिक्षकों ने सहभागिता की एवं लाभान्वित भी हुए। शिविर भोपाल शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित किए गए थे।

योग एवं मानव चेतना विभाग के सत्र 2013-14 में 6 पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाने की योजना है। जिनमें क्रमशः योग चिकित्सा प्रशिक्षण (एक माह), योग शिक्षक प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र (तीन माह), योग प्रशिक्षक प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र, (छः माह), योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा में पत्रोपाधि (एकवर्षीय), योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा में स्नातक प्रतिष्ठा (तीनवर्षीय) एवं योग विज्ञान एवं चिकित्सा प्रबंधन मंि स्नातकोत्तर आदि हैं।