कुलपति का परिचय

आचार्य रामदेव भारद्वाज


आचार्य रामदेव भारद्वाज, अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय, भोपाल में कुलपति हैं। इसके पूर्व आचार्य भारद्वाज ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में कुलाधिसचिव एवं म.प्र. भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय, भोपाल में निदेशक के दायित्व का निर्वहन किया। आचार्य भारद्वाज, राजनीति विज्ञान के आचार्य एवं समाज विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता रहे हैं तथा उन्होंने कार्यपरिषद सदस्य; अध्यक्ष, अध्ययन मंडल; अधिष्ठाता, छात्र कल्याण व विदेशी छात्र मामले; निदेशक, डॉ. अंबेडकर अध्ययन केंद्र; निदेशक, कुंजीलाल दुबे संसदीय अध्ययन पीठ एवं राजनीतिक शिक्षा; निदेशक, इंटरेक्टेड इंडिया प्रोग्राम के रूप में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर में अकादमिक व प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन किया है। आचार्य  भारद्वाज ने जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर से वर्ष 1980 में राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर उपाधि प्रथम श्रेणी में प्रथम स्वर्ण पदक के साथ उत्तीर्ण की एवं अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन संस्थान, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली  से 1985 में एम.फिल. एवं  रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से 1992 में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की। 

इण्डोनेशियाई सरकार द्वारा प्रदत्त अंतर्राष्ट्रीय शोध छात्रवृत्ति के अंतर्गत आपने गजामड़ा विश्वविद्यालय, जोगजकार्ता तथा इण्डोनेशियाई विश्वविद्यालय, जकार्ता में इण्डोनेशियाई इतिहास, संस्कृति, साहित्य एवं भाषा का अकादमिक सत्र 1984-85 में अध्ययन किया। इण्डोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति सुकार्नो पर आपके शोध कार्य के लिए सुकार्नो फाउण्डेशन फॉर एज्यूकेशन, जकार्ता द्वारा स्वर्ण पदक भी दिया गया। 

विदेशी भाषा प्रकाशन गृह, पेइचिंग, चीन में अकादमिक सत्र 1991-92 में आप इण्डियन स्कॉलर रहें तथा एशिया-प्रशान्त अध्ययन संस्थान, चीनी समाज विज्ञान अकादमी, पेइचिंग से सम्बद्ध रहकर चीन की खुले द्वार की नीति व आधुनिकीकरण, चीन में विवेकानंद , महात्मा गांधी तथा कन्फ्यूशियस एवं भारत-चीन संबंधों पर शोध कार्य किया। 

आचार्य भारद्वाज वर्ष 1999 के लिए साल्जवर्ग फैलो रहें। स्लासलियोपोल्डस्कोन के आमंत्रण पर साल्जवर्ग, इन्सुवर्ग तथा वियाना विश्वविद्यालय एवं आस्ट्रियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्टरनेशनल अफेयर्स, लेक्सनवर्ग में आपने ‘भारत की विदेश नीति व अंतर्राष्ट्रीय संबंध’ पर व्याख्यान दिए तथा आपको  निप्पोन फाउण्डेशन, जापान द्वारा वर्ष 1999-2000 में अकादमिक नेतृत्व के लिए छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई।

आचार्य भारद्वाज को म.प्र. हिंदी ग्रंथ अकादमी, भोपाल द्वारा राजनीति विज्ञान एवं लोक प्रशासन में सृजनात्मक लेखन के लिए ‘डॉ. शंकर दयाल शर्मा सृजन सम्मान 2006’ प्रदान किया गया। म.प्र. उच्च शिक्षा अनुदान आयोग की राधाकृष्ण सम्मान समिति ने आपके दो आलेखों को पुरस्कृत किया है। आपके आलेख चीनी, जापानी, स्पेनिश एवं  फ्रेंच भाषा में भी अनूदित एवं प्रकाशित हुए हैं। भारत-चीन सांस्कृतिक आदान-प्रदान से संबंधित बारह खण्डों में प्रकाशित हो रही पुस्तक की संपादन समिति में आप मनोनीत भारतीय सदस्य हैं।

आचार्य भारद्वाज द्वारा प्रमुख 14 पुस्तकों का शोधपूर्ण लेखन किया गया है - (1) चाइनाज़ इकनामिक लिब्रलाइज़ेशन (2) सुकार्नो एण्ड इण्डोनेशियन नेश्नलिज़्म (3) क्राइसिस ऑफ मोरलिटी इन लीडरशिप (4) इंटरनेशनल पालटिक्स: कंटेम्प्ररेरी ट्रेन्डस् एण्ड इश्यूज़ (5) भारत और आधुनिक विश्व (6) कारगिल संकट और समाधान (7) भारत और अंतर्राष्ट्रीय संबंध   (8) अंतर्राष्ट्रीय राजनीति: सिद्धांत और समसामयिक समस्याएँ  (9) राजनय एवं मानवाधिकार (10) विवेकानंद, सुकार्नो एवं इण्डोनेशियाई राष्ट्र निर्माण एवं (11) कन्फलिक्ट, टेरर एण्ड वोइलैस इन इण्डियन सोसाइटी एण्ड पॉलिटी प्रमुख हैं। 

आचार्य भारद्वाज ने चीनी समाज विज्ञान अकादमी में प्रो. बॉग शूइंग के साथ तीन पुस्तकों का सफल संपादन किया है - (1) सिनो-इण्डियन कल्चरल एक्सचेंज एण्ड काम्पेरेटिव स्टडी (2) बुद्धिज़्म एण्ड चाइनीज़ कल्चर एवं (3) रिलीजन एण्ड इण्डियन सोसायटी के संपादन के साथ-साथ पोट्रेट्स ऑफ ऑडिनरी चाइनीज़ पुस्तक का हिंदी में अनुवाद भी किया है। आचार्य भारद्वाज के अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में 110 तथा विभिन्न समाचार-पत्रों में 150 से अधिक आलेख प्रकाशित हो चुके हैं। आपके शोध आलेख विशेषतः इण्डोनेशियन क्वाटरली, पेइचिंग रिव्यू, चाइना टुडे, गांधी मार्ग, स्ट्रेटिजिक एनालिसिस, पॉलिटिकल साइंस रिव्यू, इंडियन जनरल ऑफ पॉलिटिकल साइंस, रिव्यू ऑफ पॉलिटिक्स मध्यभारती, जर्नल्स् ऑफ द इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन राइट्स गगनांचल आदि में प्रकाशित हुए हैं।

आचार्य भारद्वाज ने 23 अंतर्राष्ट्रीय व 150 राष्ट्रीय संगोष्ठियों/सम्मेलनों में शोध आलेख प्रस्तुत किए हैं। आपके निर्देशन में 12 शोधार्थियों ने शोध-कार्य किया है।